नवरात्रि में लौंग क्यों चढ़ाते है ?
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| नवरात्रि में लौंग क्यों चढ़ाते है |
चैत्र नवरात्रि में हर दिन देवी दुर्गा के एक रूप की पूजा की जाती है। प्रत्येक देवी की पूजा में लौंग चढ़ाने का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं किस दिन किस देवी को लौंग चढ़ाना विशेष लाभकारी होता है।
1. पहला दिन (शैलपुत्री माता)
लाभ-- मानसिक शांति, आत्मबल और नई शुरुआत।
लौंग चढ़ाने से-- शारीरिक और मानसिक शक्ति में वृद्धि होती है।
2. दूसरा दिन (ब्रह्मचारिणी माता)
लाभ-- ज्ञान, तपस्या और आत्मनियंत्रण।
लौंग चढ़ाने से-- ध्यान में एकाग्रता और अध्ययन में सफलता मिलती है।
3. तीसरा दिन (चंद्रघंटा माता)
लाभ-- साहस, शौर्य और निडरता।
लौंग चढ़ाने से-- भय और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
4. चौथा दिन (कूष्माण्डा माता)
लाभ-- स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि।
लौंग चढ़ाने से-- रोगों से मुक्ति और समृद्धि में वृद्धि होती है।
5. पाँचवाँ दिन (स्कंदमाता)
लाभ-- संतान सुख, सौभाग्य और ज्ञान।
लौंग चढ़ाने से-- परिवार में सुख और शांति बनी रहती है।
6. छठा दिन (कात्यायनी माता)
लाभ-- विवाह में बाधा निवारण और प्रेम में सफलता।
लौंग चढ़ाने से-- विवाह से संबंधित समस्याएँ दूर होती हैं।
7. सातवाँ दिन (कालरात्रि माता)
लाभ-- भय, बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों का नाश।
लौंग चढ़ाने से-- तंत्र-मंत्र के प्रभाव और बुरी नजर से रक्षा होती है।
8. आठवाँ दिन (महागौरी माता)
लाभ-- शांति, पवित्रता और सुंदरता।
लौंग चढ़ाने से-- जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है।
9. नौवाँ दिन (सिद्धिदात्री माता)
लाभ-- सभी प्रकार की सिद्धियों और इच्छाओं की पूर्ति।
लौंग चढ़ाने से-- समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है और देवी की कृपा प्राप्त होती है।
सिद्धियों और इच्छाओं की पूर्ति के लिए पढ़े- सिद्ध कुंजिका स्तोत्र: एक शक्तिशाली स्तुति
विशेष सुझाव
लौंग अर्पण के साथ 'ॐ दुं दुर्गायै नमः' मंत्र का जाप अवश्य करें।
हर दिन चढ़ाई गई लौंग को पूजा के बाद अपने पूजा स्थल में रखें।
अष्टमी और नवमी के दिन लौंग अर्पित करना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।
लौंग को पूजा में इतना पवित्र क्यों माना जाता है?
लौंग केवल एक मसाला नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ मानी जाती है। इसकी सुगंध वातावरण को शुद्ध करती है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सहायक मानी जाती है। तांत्रिक और वैदिक पूजा-पद्धतियों में लौंग का विशेष स्थान है। माँ दुर्गा की आराधना में लौंग अर्पित करना भक्त की श्रद्धा और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है।
अष्टमी और नवमी पर लौंग चढ़ाने का विशेष महत्व
नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि को देवी शक्ति अपने चरम रूप में मानी जाती हैं। इन दिनों माँ को लौंग, इलायची, नारियल और लाल पुष्प अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। विशेष रूप से लौंग चढ़ाने से बाधाएं दूर होती हैं, शत्रु शांत होते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसलिए इन दोनों दिनों में लौंग अर्पण को बहुत प्रभावशाली माना जाता है।
धन और समृद्धि के लिए लौंग का उपाय
कई लोग नवरात्रि में माँ दुर्गा को दो लौंग अर्पित करके एक लौंग अपने पर्स, तिजोरी या व्यापार स्थल में रखते हैं। मान्यता है कि इससे आर्थिक रुकावटें दूर होती हैं और धन का प्रवाह बढ़ता है। दीपक में लौंग डालकर जलाना भी लक्ष्मी कृपा प्राप्त करने का एक सरल और लोकप्रिय उपाय माना जाता है।
लौंग अर्पण के साथ मंत्र जाप क्यों जरूरी है?
केवल लौंग चढ़ाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उसके साथ श्रद्धा और मंत्र शक्ति का होना भी आवश्यक है। ‘ॐ दुं दुर्गायै नमः’ मंत्र का जाप करते हुए लौंग अर्पित करने से पूजा का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। मंत्र और लौंग का यह संगम भक्त के मन को स्थिर करता है और देवी की कृपा को शीघ्र आकर्षित करता है।
FAQs (संबंधित प्रश्न)
1. मां दुर्गा को लौंग चढ़ाने से क्या होता है?
मां दुर्गा को लौंग चढ़ाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में शुद्ध वातावरण बनता है। लौंग का तेज सुगंध वातावरण को पवित्र करता है और यह मां दुर्गा को अत्यंत प्रिय माना जाता है। इससे भक्त की मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं।
2. नवरात्रि में लौंग के क्या टोटके हैं?
नवरात्रि में लौंग के कुछ प्रसिद्ध टोटके
दीपक में लौंग डालकर जलाएं- इससे नज़र दोष और नकारात्मकता दूर होती है।
मां दुर्गा को लौंग चढ़ाकर उसे तिजोरी में रखें- इससे आर्थिक स्थिति सुधरती है।
लौंग की माला चढ़ाना- व्यापार में वृद्धि और शत्रु बाधा से मुक्ति मिलती है।
3. क्या नवरात्रि व्रत में लौंग खा सकते हैं?
हाँ, लौंग व्रत में खाई जा सकती है क्योंकि यह एक मसाला है, अनाज नहीं। लेकिन सीमित मात्रा में और केवल स्वाद के लिए उपयोग करें।
4. नवरात्रि में क्या नहीं करना चाहिए?
- नॉनवेज खाना या चढ़ाना
- लहसुन-प्याज का उपयोग
- नीले या काले कपड़े पहनना
- कटे-फटे फल-फूल चढ़ाना
- धारदार वस्तु जैसे कैंची या चाकू दान करना
नवरात्रि में कैसा भोजन करना चाहिए जानने के लिए पढ़े-- नवरात्रि में व्रत धारण करने वाले को भोजन करना चाहिए या नहीं ?
5. चैत्र नवरात्रि के नियम क्या है?
- सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें
- व्रत रखें (सप्ताहभर फलाहार या एक समय भोजन)
- प्याज, लहसुन, अनाज, तामसिक भोजन वर्जित है
- मां दुर्गा की पूजा, दुर्गा सप्तशती या पाठ करें
- ब्रह्मचर्य का पालन करें
- नौ कन्याओं को पूजन कर भोजन करवाएं (अष्टमी या नवमी को)
6. भगवान को लौंग कितनी चढ़ानी चाहिए?
सामान्यत: पूजा में 2 लौंग चढ़ाई जाती हैं — एक देवी को समर्पित, दूसरी अपने मनोकामना हेतु।
7. मां दुर्गा को नींबू क्यों चढ़ाया जाता है?
नींबू मां को बुरी शक्तियों को दूर रखने का प्रतीक है। तांत्रिक साधना में नींबू से नकारात्मक ऊर्जा को हटाया जाता है। मां को चढ़ाया गया नींबू घर में रखने से नज़र दोष नहीं लगता।
8. नवरात्रि के समय धन प्राप्ति के लिए क्या करना चाहिए?
- हर रोज दीपक में लौंग और कपूर जलाएं
- मां लक्ष्मी के बीज मंत्र का जाप करें- ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
- अष्टमी या नवमी को कन्याओं को भोजन कराएं और उन्हें दक्षिणा दें
- घर में साफ़-सफ़ाई और शुद्धता बनाए रखें
- देवी को कमल का फूल और गुलाल चढ़ाएं
9. दिए में लौंग डालकर जलाने से क्या होता है?
इससे घर का वातावरण शुद्ध होता है, बुरी शक्तियां दूर भागती हैं, धन और सुख-शांति आती है। विशेष रूप से शाम के समय दीपक में लौंग डालकर जलाना शुभ होता है।
10. मां दुर्गा को लौंग की माला पहनाने से क्या होता है?
लौंग की माला पहनाने से शत्रु बाधा, कर्ज, और धन हानि से मुक्ति मिलती है। यह टोटका व्यापार या नौकरी में सफलता के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है।
11. नवरात्रि के व्रत में कौन सा तेल खाना चाहिए?
सिंघाड़े का तेल, अरबी का तेल, या घी का प्रयोग कर सकते हैं। सामान्य रिफाइंड या तिल का तेल वर्जित होता है व्रत में।
12. क्या हम उपवास में लौंग खा सकते हैं?
हाँ, लौंग का उपयोग स्वाद बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। यह फलाहार नियमों के अंतर्गत आता है, लेकिन बहुत अधिक मात्रा में न लें।
13. नवरात्रि में कौन सी सब्जी नहीं खानी चाहिए?
नवरात्रि व्रत में निम्न सब्जियाँ नहीं खानी चाहिए-
- प्याज
- लहसुन
- बैंगन
- मशरूम
- गोभी
- लोकी (कुछ स्थानों पर वर्जित मानी जाती है)
साफ-सुथरी, सात्विक और व्रत की मान्य फल-सब्जियाँ जैसे आलू, कद्दू, शकरकंद, अरबी आदि खा सकते हैं।
तो प्रिय पाठकों, कैसी लगी आपको पोस्ट ,हम आशा करते हैं कि आपकों पोस्ट पसंद आयी होगी। इसी के साथ विदा लेते हैं अगली रोचक, ज्ञानवर्धक जानकारी के साथ विश्वज्ञान मे फिर से मुलाकात होगी ,तब तक के लिय आप अपना ख्याल रखे, हंसते रहिए, मुस्कराते रहिए और औरों को भी खुशियाँ बांटते रहिए।
जय माँ दुर्गे🙏

