🌸 VISHVA GYAAN.
Monday, Oct 19, 2026
09:49:00 AM

ॐ नमो नारायणाय मंत्र किस उपनिषद् से लिया गया है ?

🌸
VISHVA GYAAN
October 11, 2024
Calculating...

क्या आपने कभी सोचा है कि ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र केवल एक नाम-जप नहीं, बल्कि मोक्ष देने वाला तारक मंत्र क्यों कहा जाता है? जानिए यह दिव्य मंत्र किस उपनिषद् में वर्णित है और इसका गहरा आध्यात्मिक रहस्य क्या है।


हर हर महादेव प्रिय पाठकों, कैसे है आप लोग ,हम आशा करते है कि आप ठीक होंगे। आज की इस पोस्ट में हम जानेंगे की ॐ नमो नारायणाय मंत्र किस उपनिषद् से लिया गया है ?


ॐ नमो नारायणाय मंत्र किस उपनिषद् से लिया गया है?

ॐ नमो नारायणाय मंत्र का उल्लेख श्रीमहानारायण उपनिषद् में मिलता है। इस मंत्र को अत्यंत पवित्र, तारक और मोक्ष प्रदान करने वाला मंत्र माना गया है। वैष्णव परंपरा में इसका जप भगवान नारायण की भक्ति, मन की शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए किया जाता है।

ॐ नमो नारायणाय मंत्र किस उपनिषद् से लिया गया है ?
ॐ नमो नारायणाय मंत्र का जाप करते हुए ऋषि की दिव्य छवि 

यह मंत्र 'श्रीमहानारायण उपनिषद्' से लिया गया है।

इसका अर्थ है-

स होवाच याज्ञवल्क्य- ऋषि याज्ञवल्क्य कहते हैं।

ॐ नमो नारायणायेति तारकं चिदात्मकमित्यु पासितव्यम् -"ॐ नमो नारायणाय" यह मंत्र तारक (मुक्तिदायक) और चिदात्मक (चेतना स्वरूप) है। इसका जप और ध्यान करना चाहिए।

ओमित्येकाक्षरमात्मस्वरूपम् "ॐ" यह एक अक्षर आत्मा का स्वरूप है। यह परमात्मा का प्रतीक है और इसे आत्मा का स्वरूप माना गया है।

नम इति द्वयक्षरं प्रकृति- स्वरूपम्- "नम" ये दो अक्षर प्रकृति (सृष्टि) का स्वरूप हैं। इसका अर्थ है, समर्पण और विनम्रता। 


सार 

यह मंत्र 'ॐ नमो नारायणाय' ब्रह्मांड की चेतना, आत्मा और प्रकृति का प्रतीक है। इसका जप हमें आत्मा के स्वरूप को समझने और परमात्मा से एकाकार होने की प्रेरणा देता है।


वैदिक और उपनिषदिक परंपरा 

'ॐ नमो नारायणाय' मंत्र को वैदिक और उपनिषदिक परंपरा में अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली माना गया है। इसे विष्णु और नारायण के नाम का स्मरण करते हुए जप किया जाता है। इसके बारे में और जानकारी निम्नलिखित है:


1. मंत्र का महत्व

ॐ नमो नारायणाय' मंत्र को विष्णु या नारायण के अनन्य भक्तों द्वारा जप किया जाता है। यह मंत्र व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति, शांति और मोक्ष प्राप्त करने में सहायक माना जाता है। इसे जपने से व्यक्ति का चित्त शुद्ध होता है और वह भगवान की शरण में समर्पित होता है।


2. तारक मंत्र

इस मंत्र को 'तारक मंत्र' कहा गया है क्योंकि इसे जपने से व्यक्ति को संसार सागर (भवसागर) से मुक्ति मिलती है। 'तारक' शब्द का अर्थ होता है 'जो पार कराए', और इस मंत्र का उच्चारण व्यक्ति को संसारिक दुखों और बंधनों से मुक्त करता है।


3. उपनिषद में स्थान

श्रीमहानारायण उपनिषद में इस मंत्र की महिमा का वर्णन किया गया है। यह उपनिषद वैदिक साहित्य का हिस्सा है और विष्णु नारायण की महिमा और उनके परम तत्व स्वरूप को दर्शाता है। इसमें ऋषि याज्ञवल्क्य द्वारा इस मंत्र की शक्ति और प्रभाव का वर्णन मिलता है।


मंत्र का विभाजन और अर्थ

ॐ- यह एकाक्षर ब्रह्म है। इसे सृष्टि, स्थिति, और प्रलय का प्रतीक माना जाता है। यह ब्रह्मांड की परम शक्ति का संकेत है।

नमो इसका अर्थ है समर्पण, नम्रता, और विनम्रता। यह उस सर्वोच्च सत्ता के प्रति आत्मसमर्पण दर्शाता है।

नारायणाय नारायण भगवान विष्णु का एक नाम है, जिसका अर्थ है 'जो सभी प्राणियों का आश्रय है'। 

चर्पटपञ्चरिकास्तोत्र हिंदी में 


मंत्र जप के लाभ

इस मंत्र का नियमित जप मन को शांति, आध्यात्मिक संतुलन, और सकारात्मकता प्रदान करता है। इसे ध्यान और साधना के समय करने से व्यक्ति की एकाग्रता बढ़ती है और भगवान नारायण की कृपा प्राप्त होती है।


धार्मिक परंपरा में उपयोग

विष्णु भक्तों, विशेषकर वैष्णव संप्रदाय में, इस मंत्र का जप पूजा, ध्यान और धार्मिक अनुष्ठानों में किया जाता है। इसे सभी आयु वर्ग के लोग जप सकते हैं और इसका उच्चारण करना साधारण और सरल होता है, जिससे इसे हर व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में शामिल कर सकता है।


यह मंत्र न केवल एक साधारण उच्चारण है, बल्कि व्यक्ति को भगवान से जोड़ने का एक माध्यम है, जो आत्मा की शुद्धि, संसार से मुक्ति और परम सत्य की प्राप्ति में सहायक है।


ॐ नमो नारायणाय मंत्र को अष्टाक्षरी मंत्र क्यों कहा जाता है?

ॐ नमो नारायणाय मंत्र को “अष्टाक्षरी मंत्र” कहा जाता है क्योंकि इसमें आठ अक्षर माने जाते हैं। वैष्णव परंपरा में इसे अत्यंत पवित्र मंत्र माना गया है। ऐसा विश्वास है कि इस मंत्र का श्रद्धा और भक्ति से जप करने पर व्यक्ति के भीतर सकारात्मकता, धैर्य और ईश्वर के प्रति समर्पण की भावना बढ़ती है।


वैष्णव संप्रदाय में इस मंत्र का विशेष महत्व

वैष्णव संप्रदाय में इस मंत्र को भगवान नारायण तक पहुँचने का सरल और प्रभावशाली मार्ग माना गया है। कई संतों और आचार्यों ने इस मंत्र को कलियुग में मन को स्थिर रखने वाला और भगवान की कृपा प्राप्त करने का साधन बताया है। दक्षिण भारत की श्रीवैष्णव परंपरा में इसका जप विशेष रूप से लोकप्रिय है।


मंत्र जप करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

मंत्र जप के समय मन को शांत और एकाग्र रखने का प्रयास करना चाहिए। स्वच्छ स्थान पर बैठकर श्रद्धा भाव से जप करना अधिक शुभ माना जाता है। कुछ लोग सुबह ब्रह्म मुहूर्त में इसका जप करते हैं, जबकि कई भक्त दिनभर मन ही मन भी इस मंत्र का स्मरण करते रहते हैं।


क्या बिना दीक्षा के भी इस मंत्र का जप किया जा सकता है?

कई धार्मिक परंपराओं में गुरु से दीक्षा लेने को श्रेष्ठ माना गया है, लेकिन सामान्य भक्ति भाव से भी लोग इस मंत्र का जप करते हैं। ऐसा माना जाता है कि भगवान नारायण का स्मरण सच्चे मन और श्रद्धा से किया जाए, तो उसका आध्यात्मिक लाभ अवश्य मिलता है।


आधुनिक जीवन में इस मंत्र का महत्व

आज के तनावपूर्ण जीवन में लोग मानसिक शांति और स्थिरता की खोज में रहते हैं। ऐसे में ॐ नमो नारायणाय मंत्र का जप मन को शांत करने और भीतर सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में सहायक माना जाता है। बहुत से लोग ध्यान, योग और पूजा के समय इस मंत्र का उपयोग करते हैं।


FAQs

1. ॐ नमो नारायणाय मंत्र का अर्थ क्या है?

इस मंत्र का अर्थ है — “मैं भगवान नारायण को नमन करता हूँ।” यह समर्पण, भक्ति और ईश्वर की शरण ग्रहण करने का प्रतीक माना जाता है।


2. ॐ नमो नारायणाय मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?

भक्त अपनी श्रद्धा और समय के अनुसार इसका जप कर सकते हैं। कई लोग 108 बार जप करना शुभ मानते हैं।


3. क्या महिलाएँ भी इस मंत्र का जप कर सकती हैं?

हाँ, इस मंत्र का जप स्त्री और पुरुष दोनों कर सकते हैं। इसे सभी के लिए पवित्र और शुभ माना जाता है।


4. क्या इस मंत्र के जप से मानसिक शांति मिलती है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका नियमित जप मन को शांत, सकारात्मक और एकाग्र बनाने में सहायक माना जाता है।


5. ॐ नमो नारायणाय मंत्र किस देवता से संबंधित है?

यह मंत्र भगवान नारायण यानी भगवान विष्णु की उपासना से संबंधित है।


तो प्रिय पाठकों, कैसी लगी आपको पोस्ट ,हम आशा करते हैं कि आपकों पोस्ट पसंद आयी होगी। इसी के साथ विदा लेते हैं अगली रोचक, ज्ञानवर्धक जानकारी के साथ विश्वज्ञान मे फिर से मुलाकात होगी ,तब तक के लिय आप अपना ख्याल रखे, हंसते रहिए, मुस्कराते रहिए और औरों को भी खुशियाँ बांटते रहिए।


धन्यवाद ,हर हर महादेव 🙏

4/comments/show
Link copied to clipboard!